हरिद्वार (Pahadi Suvidha):
वासू स्टील फैक्ट्री में मीटर से बिजली चोरी का मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) में हड़कंप मच गया है।
गुरुकुल नारसन क्षेत्र में हुई इस घटना ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच में लापरवाही पाए जाने पर यूपीसीएल ने एक जूनियर इंजीनियर (JE) और एक प्रभारी अधिशासी अभियंता (XEN) को निलंबित कर दिया है।
कहां हुआ खुलासा – कैसे पकड़ी गई बिजली चोरी?
दो दिन पहले गुरुकुल नारसन स्थित यूपीसीएल बिजलीघर के बाहर पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों को पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे वासू स्टील फैक्ट्री में मीटर से बिजली चोरी कर रहे थे।
मामले की जानकारी मिलते ही यूपीसीएल की मापक टीम मौके पर पहुंची।
जांच में यह साफ हुआ कि फैक्ट्री के स्मार्ट मीटर में छेड़छाड़ करके लंबे समय से बिजली चोरी की जा रही थी।
यूपीसीएल ने मौके पर मीटर को सील कर दिया और जांच के लिए भेज दिया।
इस मामले में उपनल कर्मचारी अकरम अली समेत पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है, जिनमें दो फैक्ट्री कर्मचारी भी शामिल हैं।
वासू स्टील फैक्ट्री में मीटर से बिजली चोरी से यूपीसीएल ने की कार्रवाई – JE और XEN निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपीसीएल के निदेशक परिचालन एम. आर. आर्य ने तुरंत कार्रवाई की।
उन्होंने लंढौरा के एसडीओ और रुड़की विद्युत वितरण खंड के प्रभारी अधिशासी अभियंता गुलशन बुलानी को निलंबित किया और मुख्य अभियंता वितरण रुद्रपुर क्षेत्र से संबद्ध कर दिया।
वहीं एसडीओ मंगलौर के जेई अनुभव सैनी को भी निलंबित कर मुख्य अभियंता वितरण कुमाऊं क्षेत्र हल्द्वानी से संबद्ध किया गया है।
दोनों अधिकारियों की जगह क्रमशः अमित तोमर और मोहम्मद रिजवान को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह कार्रवाई सीधे तौर पर “वासू स्टील फैक्ट्री में मीटर से बिजली चोरी” मामले से जुड़ी है।
तीन सदस्यीय जांच समिति गठित
मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने मुख्य अभियंता गढ़वाल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की है।
इस समिति में एक अधीक्षण अभियंता और एक डिप्टी सीएफओ शामिल किए गए हैं।
समिति की रिपोर्ट के आधार पर फैक्ट्री मालिक पर जुर्माना और अन्य कार्रवाई की जाएगी।
एनर्जी अकाउंटिंग ऑडिट का आदेश
एमडी अनिल कुमार ने आदेश दिया है कि रुड़की, भगवानपुर और हरिद्वार क्षेत्र की सभी स्टील फैक्ट्रियों का एनर्जी अकाउंटिंग ऑडिट किया जाए।
इससे यह स्पष्ट होगा कि बिजली कहाँ और किस स्तर पर खर्च हो रही है।
अगर किसी फैक्ट्री में “मीटर से बिजली चोरी” जैसी गड़बड़ी पकड़ी गई, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
फैक्ट्री कर्मचारियों पर मुकदमा, मालिक पर सवाल
हालांकि यूपीसीएल ने फैक्ट्री कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है, लेकिन वासू स्टील फैक्ट्री के मालिक का नाम FIR में शामिल नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कर्मचारी अपने स्तर से इतनी बड़ी बिजली चोरी नहीं कर सकते।
अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सब फैक्ट्री मालिक की जानकारी के बिना संभव था?

दोनों मीटरों में छेड़छाड़ से बढ़ी जांच की चुनौती
बड़ी फैक्ट्रियों में दो मीटर लगाए जाते हैं —
एक फैक्ट्री परिसर में और दूसरा संबंधित बिजलीघर में।
दोनों की तुलना से किसी भी गड़बड़ी का पता लगाया जा सकता है।
लेकिन “वासू स्टील फैक्ट्री में मीटर से बिजली चोरी” मामले में दोनों मीटरों से छेड़छाड़ की गई थी, जिससे यूपीसीएल की जांच और कठिन हो गई है।
यूपीसीएल एमडी अनिल कुमार का बयान
“हमने अधिशासी अभियंता स्तर तक के अधिकारियों को निलंबित किया है।
पूरे क्षेत्र की एनर्जी अकाउंटिंग होगी।
अगर कहीं भी बिजली चोरी या मीटर छेड़छाड़ का मामला सामने आया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
— अनिल कुमार, एमडी, यूपीसीएल
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यह रिपोर्ट Amar Ujala की समाचार जानकारी पर आधारित है।
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