Pahadishuvidha

बीरोखल विकासखण्ड मे 4 डॉक्टरों की तैनाती से स्वास्थ्य सेवाओं को मिली नई उम्मीद

Table of Contents

वैसे तो उत्तराखंड के पहाड़ों पर सबसे बड़ी और समस्या स्वास्थ्य और शिक्षा ही रहती है। जो आज के समय मे सभी क्षेत्रीय जनता का सरदर्द बना हुआ है। जिसमे बीरोखल विकासखण्ड  के सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से डॉक्टरों की कमी से क्षेत्रीय जनता परेशान थी। 

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस गंभीर समस्या को देखते हुए बीरोखल विकासखण्ड मे 4 डॉक्टरों की तैनाती करने का निर्णय लिया। इस निर्णय से यहा की जनता ने मंत्री जी का तहे दिल से धन्यवाद किया। अब देखना होगा कि बीरोखल विकासखण्ड को इस फैसले से जनता को कितना फायदा मिलता है। 

बीरोखल विकासखण्ड मे 4 डॉक्टरों की तैनाती

बीरोखल विकासखण्ड के सरकारी अस्पतालों में कहाँ-कहाँ होंगे डॉक्टर तैनात?

  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोखल – यहाँ पर 2 महिला डॉक्टरों की तैनाती की गई है।
  • बैजरों अस्पताल – यहा पर लंबे समय से डॉक्टर की नियुक्ति नहीं की गई थी, जिसके चलते यहाँ एक डॉक्टर की नियुक्ति की गई।
  • भगवती तल्ला अस्पताल – क्षेत्रीय जनता और स्थानीय नेताओं की मांग पर यहाँ भी एक डॉक्टर की तैनाती की गई है।

इस प्रकार कुल बीरोखल विकासखण्ड मे 4 डॉक्टरों की तैनाती कराई गई है, जिससे बीरोखल ब्लॉक की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।

बीरोखल विकासखण्ड मे 4 डॉक्टरों की तैनाती

जनता की प्रतिक्रिया और राजनीतिक मतभेद

स्थानीय जनता ने डॉक्टरों की नियुक्ति पर खुशी जताई है, लेकिन साथ ही चिंता भी व्यक्त की है कि क्या डॉक्टर लंबे समय तक यहाँ टिक पाएंगे। पहाड़ों के दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी हमेशा से एक बड़ी समस्या रही है।

कुछ राजनीतिक नेताओं का कहना है कि बीरोखल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को पहले की तरह PPP मोड (Public Private Partnership) में ही चलाया जाना चाहिए था। हालांकि, सरकार ने इसे दोबारा अपने हाथों में ले लिया है।

जनता का यह भी आरोप है कि स्थानीय विधायक को स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीरता नहीं है। वहीं, बैजरों अस्पताल के मौजूदा प्रभारी को हटाने की भी मांग उठ रही है। साथ ही उनका कहना है कि ये नेता तो आलीशान हॉस्पिटल मे अपना इलाज करा सकते है। पीड़ा तो आम जनता को उठानी है। 

पहाड़ों की स्वास्थ्य चुनौतियाँ

डॉक्टरों की कमी से पहाड़ों की जनता को अक्सर 100 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक इलाज के लिए जाना पड़ता है, जो इन क्षेत्रों के लिए किसी अभिशाप से कम नहीं। ऐसे मे बीरोखल विकासखण्ड मे डॉक्टरों की तैनाती करना एक पुण्य काम से कम नहीं है। जनता को उम्मीद है कि अब नए नियुक्त डॉक्टर लंबे समय तक यहाँ टिककर सेवा देंगे। आखिरकार, पहाड़ की जनता को भी यह समझना होगा कि डॉक्टर को “दूसरा भगवान” माना जाता है है।

यह भी पढे : उत्तराखंड में भारी बारिश से आपदा जैसे हालात, छह जिलों में अलर्ट जारी

निष्कर्ष

बीरोखल विकासखण्ड में डॉक्टरों की नियुक्ति स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, असली चुनौती यह होगी कि डॉक्टर यहाँ पर लंबे समय तक टिकें और ग्रामीण जनता को निरंतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती रहें।

पहाड़ी सुविधा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जी का आभार ब्यक्त करती है। जिन्होंने पहाड़ को एक नई उम्मीद देने का कार्य किया है। 

स्रोत: यह खबर महिपाल पटवाल के फेसबुक पेज से ली गई है।

Share this post

Leave a Comment

Latest Posts

Related Posts