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उत्तराखंड सरकारी अस्पताल में अब बिना वजह मरीजों को रेफर नहीं किया जा सकेगा: सीएम धामी के सख्त निर्देश

उत्तराखंड सरकारी अस्पताल

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uttarakhand Latest News : देहरादून से बड़ी खबर के अनुसार अब उत्तराखंड सरकारी अस्पताल बिना वजह किसी भी मरीज को दूसरे अस्पताल में रेफर नहीं कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि अब हर रेफरल के लिए अस्पताल को एक निर्धारित फॉर्म भरना होगा और मरीज को रेफर करने का सटीक कारण बताना अनिवार्य होगा।

रेफर करने की जिम्मेदारी अब तय होगी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि किसी भी मरीज को रेफर करने की पूरी जिम्मेदारी सीएमओ और सीएमएस की होगी।
अगर किसी मरीज को रेफर किया जाता है, तो अस्पताल प्रशासन को कारण सहित रिपोर्ट पेश करनी होगी।
यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि उत्तराखंड सरकारी अस्पतालों में मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर किए जाने की प्रवृत्ति को रोका जा सके।

उत्तराखंड सरकारी अस्पताल मे अब बिना वजह रेफरल पर लगेगी रोक

कई बार देखा गया है कि छोटे स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में साधारण मामलों में भी मरीजों को बड़े अस्पतालों की ओर भेज दिया जाता है।
इससे मरीजों को आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
नई नीति लागू होने के बाद उत्तराखंड सरकारी अस्पताल अब सिर्फ गंभीर और जरूरी मामलों में ही मरीजों को रेफर कर सकेंगे।

उत्तराखंड सरकारी अस्पताल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बयान

मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट कहा —

“राज्य सरकार का लक्ष्य है कि जनता को घर के पास बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें।
अब बिना वजह किसी मरीज को रेफर करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हर अस्पताल को मरीज रेफर करने से पहले पूरी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।”

क्यों जरूरी है यह फैसला

उत्तराखंड सरकारी अस्पतालों में लंबे समय से बिना वजह मरीजों को देहरादून और हल्द्वानी जैसे बड़े शहरों में भेजने की शिकायतें मिल रही थीं।
नई व्यवस्था से अब यह सुनिश्चित होगा कि मरीजों को उनके नजदीकी अस्पतालों में ही इलाज मिले और स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़े।

पहाड़ी सुविधा कि राय (Uttarakhand Latest News)

सरकार का यह फैसला उत्तराखंड सरकारी अस्पतालों की जवाब देही बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अगर यह नियम सख्ती से लागू किया गया, तो भविष्य में मरीजों को बिना वजह रेफर किए जाने की समस्या से राहत मिल सकती है।

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