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UKSSSC पेपर लीक 2025 प्रकरण: खालिद के खुलासे में सामने आई नई बातें

UKSSSC पेपर लीक 2025

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UKSSSC पेपर लीक 2025

देहरादून। उत्तराखंड मे हाल ही मे UKSSSC पेपर लीक 2025 ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। सोशल मीडिया 21 सितंबर को हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा का पेपर लीक हुआ था, जिसके बाद पुलिस जांच पड़ताल के बाद कुछ कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए।

मामला कैसे दर्ज हुआ?

UKSSSC की ओर से शिकायत दर्ज कराने के बाद SIT जांच के आधार पर थाना रायपुर में मुकदमा दर्ज किया गया। यह मुकदमा उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं उपाय) अध्यादेश 2023 की धारा 11(1), 11(2), 12(2) के तहत पंजीकृत हुआ। मामले की विवेचना पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश को सौंपी गई।

बहन और सहयोगियों की भूमिका

खालिद मलिक जो मुख्य आरोपी है, उसकी बहन साबिया को 23 सितंबर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की पूछताछ के बाद साबिया ने बताया कि उसने अपने भाई खालिद के कहने पर प्रश्न पत्र की फोटो सुमन नामक महिला को भेजी थी। सुमन ने उनके उत्तर बताकर वापस खालिद तक पहुंचाए।

पुलिस कि खालिद से पूछताछ 

खालिद मलिक ने पूछताछ मे बताया कि वह ऐसे व्यक्ति को खोज रहा था, जो उसे प्रश्नो के उत्तर बता सके, जिसके लिए उसने असिसटेंट प्रोफेसर सुमनसे सम्पर्क किया जो टिहरी मे नियुक्त है। जिससे इनकी मुलाकात वर्ष 2018 से 2021 मे खालिद कनिष्ठ अभियंता के पद पर पीडब्लूडी में नियुक्त थे उस दौरान इन दोनों कि मुलाकात हुई। उस समय सुमन नगर निगम ऋषिकेश में टैक्स इन्सपेक्टर के पद पर नियुक्त थी और उनके पति पीडब्लूडी में ही ठेकेदारी का कार्य करते थे।

खालिद को तब पता था कि सुमन को प्रतियोगी परीक्षाओ के प्रश्नों की अच्छी जानकारी थी। क्यूंकि उस दौरन सुमन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करती रहती थी।

फिर आरोपी ने सुमन से फोन पर बात की जिसमे उसने अपनी बहन के एग्जाम की तैयारी के लिये प्रतियोगिया से संबंधित डाउट के लिए बात की और अनुरोध किया। 

21 सितंबर सुबह की घटना 

खालिद ने सुमन को सुबह UKSSSC पेपर लीक 2025 से पहले व्हाट्सअप के माध्यम से कुछ प्रश्नों को मांग गया तथा उनके उत्तर वापस भेजने का अनुरोध किया, जो कि सुमन ने खालिद के फोन पर send किये।

उसके बाद उसने अपनी बहन को मोबाईल दिया, जिसमे उन प्रश्नों के उत्तर थे। परीक्षा केंद्र के सामने निर्माणाधीन बिल्डिंग मे जाकर जो परीक्षा केंद्र से ज्यादा दूरी पर नहीं था, वहा अपने फोन को छुपा लिया 

 कैसे पहुंचा मोबाइल परीक्षा कक्ष तक?

परीक्षा से एक दिन पहले हरिद्वार स्थित आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज, बहादुरपुर जट के परिसर में जाकर मोबाइल को बिल्डिंग के अंदर छुपाया था।
21 सितंबर की सुबह वह परीक्षा केंद्र पहुंचा और चेकिंग करने के बाद उसने मौके का फायदा उठाकर मोबाइल को निकाला और उसे छिपा दिया। परीक्षा शुरू होते ही उसने तीन पन्नों की फोटो खींच ली और बाथरूम जाकर अपनी बहन को भेज दी।

UKSSSC पेपर लीक 2025

खालिद की योजना

  • खालिद ने परीक्षा में नकल करने के लिए 4 अलग-अलग आवेदन भरे थे।
  • उसकी योजना थी कि जहां मोबाइल ले जाना आसान होगा, वहीं से परीक्षा देगा।
  • सवालों के उत्तर देने में मदद के लिए उसने टिहरी की सहायक प्रोफेसर सुमन से संपर्क किया था।

नकल क्यों नहीं हो पाई?

खालिद ने  फोटो खींच तो ली लेकिन दोबारा वह बाथरूम नहीं जा पाया और इनविजीलेटर की सख्ती के कारण वह उत्तर देखकर OMR शीट भी नहीं भर पाया। लेकिन ये फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो चुकी थी। 

गिरफ्तारी और बरामदगी

डर के मारे खालिद दिल्ली और लखनऊ जैसे शहर तक भाग लेकिन  23 सितंबर को पुलिस और STF की टीम ने उसे पकड़ लिया। उससे मोबाईल बरामद कर आगे फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। 

पुलिस का बयान

UKSSSC पेपर लीक 2025: पुलिस का कहना है कि अभी भी किसी भी प्रकार के जांच मे अपराधी या समूह सामने नहीं आया है। हालांकि जांच पड़ताल जारी है। साथ ही पुलिस ने लोगों से भी अपील की है। कि इस घटना से संबंधित कोई भी ममाला सामने आता है तो वो पुलिस के साथ सहयोग करे।  

बेरोजगार संघ का सरकार से सवाल

इस पूरे प्रकरण पर उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार से सीधी पांच मांगें रखी हैं –

  1. परीक्षा को दुबारा से एक माह के भीतर कराई जाए।
  2. इसमे चाहे कोई भी हो आयोग के अधिकारी, सचिव, अध्यक्ष और तकनीकी स्टाफ इन सब पर गंभीरता से जांच हो।
    • जिनकी जांच SIT या हाईकोर्ट की निगरानी में कराई जाए।
  3. मुख्यमंत्री ने साल 2022 में ने भर्ती घोटालों पर CBI जांच का आश्वासन दिया था, लेकिन तीन साल बीत जाने के बावजूद भी अभी कोई जांच शुरू नहीं हुई।
  4. उत्तराखंड के पेपर लीक मामले में हाकम सिंह का नाम ही क्यों आता है? बेरोजगार संघ ने सरकार से इस पर भी स्पष्ट जवाब मांगा।
  5. सरकार ने हाल ही में निकली पुलिस कांस्टेबल भर्ती में उम्र सीमा को 18–22 से बढ़ाकर 25 साल की गई थी, लेकिन जो अन्य सिपाही भर्ती है उन्मे भी यह संशोधन लागू नहीं किया गया। बेरोजगार संघ ने इसे भी भेदभावपूर्ण बताते हुए सुधार की मांग की। 

इसमे सीधे – सीधे उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने सरकार पर आरोप लगाए है कि सरकार युवा बेरोजगारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। 

गिरफ्तार आरोपी का विवरण

  • नाम: मोहम्मद खालिद
  • पिता: मोहम्मद शहजाद
  • पता: सुल्तानपुर, आदमपुर, थाना कोतवाली लक्सर, जिला हरिद्वार
  • उम्र: 35 वर्ष

यह खबर मूल रूप से Pahad TV के फेसबुक पेज और बारामासा youtube chanelसे ली गई है।
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