देहरादून। pahadisuvidha.com के अनुसार, उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। इसके लिए ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों को उत्तराखंड विद्युत संविदा एकता मंच के बैनर तले नोटिस जारी कर दिया गया है। आंदोलन की तारीख 4 अक्टूबर 2025 तय की गई है।
आंदोलन में बढ़-चढ़कर भागीदारी की अपील
एकता मंच ने सभी संविदा कर्मियों से अपील की है कि वे आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लें। मंच का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि अगर सरकार और प्रबंधन ने उनकी न्यायोचित मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो इसे अनिश्चितकालीन आंदोलन में भी बदला जा सकता है।
नियमितीकरण नियमावली में संशोधन की मांग
संविदा कर्मियों की मुख्य मांग नियमितीकरण नियमावली में संशोधन को लेकर है।
सौतेलापन और उपेक्षा का आरोप
- 22 फरवरी 2024 को माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल ने 5 वर्ष की सेवा नीति को संशोधित कर 10 वर्ष करने का आदेश दिया था।
- इसके बावजूद 1.5 वर्ष बीत जाने के बाद भी नियमावली में संशोधन नहीं किया गया है।
- वर्तमान में यदि कोई कर्मचारी नियमितीकरण से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में भी ले जाता है, तो उसे वहीं 2013 की 5 वर्षीय नियमावली ही लगानी पड़ रही है।
संविदा कर्मियों का कहना है कि सरकार और प्रबंधन का रवैया उनके साथ लगातार सौतेलेपन जैसा रहा है। न तो उन्हें समय पर नियमित किया जाता है और न ही किसी प्रकार की चिकित्सा सुविधा या सुरक्षा दी जाती है।
✦ संविदा कर्मियों की भावुक अपील
*“हमारी मांगें न तो अव्यावहारिक हैं और न ही किसी के अहित में। ये हमारे अधिकार हैं। यदि हम संगठित होकर एकजुट रहते हैं, तो कोई ताक़त हमें न्याय से वंचित नहीं कर सकती।
इस बीच हमने अपने कई साथियों को खो दिया है। प्रबंधन की गलत नीतियों और भेदभावपूर्ण रवैये के कारण चिकित्सा सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो सकीं। कई कर्मचारी हमारे बीच अब नहीं हैं, और मृत्यु के बाद भी उनके परिवारों को न तो आर्थिक मदद मिली, न ही सम्मान।
एक व्यक्ति की आवाज़ दब सकती है, लेकिन जब हजारों लोग मिलकर बोलते हैं तो उनकी गूंज व्यवस्था को भी झकझोर देती है।
हमें अपने साथी का दुख अपना दुख और उसका संघर्ष अपना संघर्ष समझना होगा। हमारी जीत तभी होगी जब हम सब कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे।
यदि हक़ नहीं मिलेगा तो लड़ाई और तेज़ होगी।”
भविष्य को लेकर गहरी चिंता
संविदा कर्मियों का कहना है कि जब तक संशोधन नहीं होता, तब तक हजारों कर्मचारियों को नियमितीकरण के लिए इंतजार करना पड़ेगा। एकता मंच का मानना है कि यह आंदोलन उनके भविष्य और आजीविका से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे सफल बनाना सभी की जिम्मेदारी है।
4 अक्टूबर को देहरादून में जुटेंगे कर्मचारी
मंच ने स्पष्ट किया है कि 4 अक्टूबर 2025 को सभी निगमों के कर्मचारी आंदोलन में शामिल होंगे और सरकार को यह संदेश देंगे कि यदि उनकी मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
निष्कर्ष
pahadisuvidha.com की इस रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड विद्युत संविदा आंदोलन 2025 राज्य की ऊर्जा व्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है। अब देखना होगा कि सरकार और प्रबंधन उनकी मांगों को मानते हैं या फिर यह संघर्ष लंबा खिंचता है।
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