Uttarakhand Latest News(पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड): थलीसैंण ब्लॉक मे गुलदार हमला से जसपुर गांव में बुधवार देर शाम की घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार, ग्राम निवासी आशा देवी, पत्नी श्री विजय सिंह नेगी, पर गुलदार ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
ग्राम प्रधान नीतू देवी जोशी और क्षेत्र पंचायत सदस्य कविता देवी नेगी ने बताया कि घटना की सूचना तत्काल वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को दी गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि उत्तराखंड सरकार इस घटना का संज्ञान लेकर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और इलाज की सुविधा प्रदान करे।
थलीसैंण ब्लॉक मे गुलदार हमला: जसपुर जंगल से लगे गांवों में बढ़ा खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते कुछ महीनों से इलाके में गुलदार हमला जसपुर मे कई बार दिखाई दे चुका है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग मौके पर केवल औपचारिकता निभा रहा है, जबकि लगातार खतरा बढ़ता जा रहा है।
गुलदार हमला उत्तराखंड मे रोज बढ़ते जा रहे है, जिससे स्थानीय लोगों मे सरकार के खिलाफ रोष भी बढ़ता जा रहा है। वैसे भी उत्तराखंड पहले से ही पलायन की मार झेल रहा है, और बढ़ते गुलदार हमलों से उत्तराखंड वासी बाहर जाने को मजबूर हो रहे है।
सरकार को उठाने होंगे ठोस कदम
जहा सरकार पलायन रोकने के लिए ग्रामीणों के लिए कई योजनाए निकलती है। वे सब इन घटनों के आगे बेवस नजर आती है, क्युकी पहाड़ों पर पलायन रोकना है तो सरकार को कड़े प्रबंधों का इंतजाम करना पड़ेगा।
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पहाड़ी सुविधा का मानना है कि प्रशासन को आगे कदम उठाने होंगे। वन विभाग को कड़े आदेश देने होंगे।
ग्रामीणों की मांग
- प्रशासन तुरंत वन्यजीव मानव संघर्ष नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए।
- गुलदार को पकड़ने के लिए रेस्क्यू टीम भेजी जाए।
- पीड़ित परिवार को आपदा राहत कोष से मुआवजा दिया जाए।
ग्रामीणों ने यह भी अपील की है कि सरकार प्रभावित इलाके में रात्रि गश्त और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था करे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
घटना से स्थानीय समुदाय में भारी आक्रोश है, वहीं लोग वन विभाग से तत्काल एक्शन की मांग कर रहे हैं।
पहाड़ी सुविधा पर Uttarakhand Latest News को पढ़ते रहिए और सरकार से जुड़ी योजनाओ के बारे मे जानिए।
श्रोत : यह न्यूज महिपाल पटवाल के Facebook के पेज से आधारित है।
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