Uttarakhand News | Pahadi Suvidha रिपोर्ट
जम्मू-कश्मीर के बारामूला क्षेत्र से एक दुखद समाचार सामने आया है। कोटद्वार (गढ़वाल) के लालपुर गांव के वीर सपूत राइफलमैन सूरज नेगी ने देश की सेवा करते हुए वीरगति प्राप्त की है। मात्र 25 वर्ष की आयु में सूरज ने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
सेना ने दी बलिदान की सूचना
सेना से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बारामूला में आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ के दौरान गोरखा रेजिमेंट के जवान सूरज सिंह नेगी वीरगति को प्राप्त हुए। उनके बलिदान की सूचना मिलते ही कोटद्वार के लालपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गांव के लोग बड़ी संख्या में उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने की तैयारी में हैं।
दो भाइयों में सबसे छोटे थे राइफलमैन सूरज नेगी
वार्ड-19 के पार्षद नेत्र मोहन असवाल ने बताया कि सूरज, प्रेम सिंह नेगी के छोटे पुत्र थे। वर्ष 2021 में उन्होंने भारतीय सेना की गोरखा रेजिमेंट में भर्ती ली थी। राइफलमैन सूरज नेगी अविवाहित थे और देश की सेवा में सदैव तत्पर रहते थे।

छुट्टी से लौटने के बाद हुआ हादसा
परिजनों के अनुसार, सितंबर माह में ही सूरज सिंह छुट्टी से ड्यूटी पर लौटे थे। उनकी बटालियन जल्द ही रुड़की स्थानांतरित होनी थी, लेकिन उससे पहले ही बारामूला में सीमा क्षेत्र के पास हुई मुठभेड़ में उन्होंने अपनी जान न्यौछावर कर दी।
आज पहुंचेगा पार्थिव शरीर
सेना के वाहन से राइफलमैन सूरज नेगी का पार्थिव शरीर आज कोटद्वार के कौड़िया कैंप में पहुंचने की उम्मीद है। वहां से अंतिम दर्शनों के लिए उनके लालपुर स्थित आवास पर लाया जाएगा, जहाँ अंतिम संस्कार पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
उत्तराखंड के वीर जवानों का शौर्य
उत्तराखंड हमेशा से वीरों की भूमि रहा है। इस देवभूमि के सपूत समय-समय पर देश की सुरक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान देते आए हैं। हाल ही में उत्तराखंड के वीर जवानों के बलिदान पर हमारे ब्लॉग में विस्तार से बताया गया है कि कैसे यह राज्य देश की सीमाओं की सुरक्षा में अग्रणी है।
देश के प्रति सर्वोच्च समर्पण
राइफलमैन सूरज सिंह नेगी की वीरगाथा आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी। उनका बलिदान देश की सेवा में सर्वोच्च उदाहरण है। पूरा उत्तराखंड उनके परिवार के साथ खड़ा है।
लेखक का नोट (Author’s Note):
“राइफलमैन सूरज सिंह नेगी जैसे वीर जवानों के कारण ही आज देश सुरक्षित है। हम उनके बलिदान को नमन करते हैं और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।”
— टीम Pahadi Suvidha
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