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देहरादून की नन्ही प्रतिभा जसमायरा कौर ने 1 साल 10 महीने की उम्र में रचा इतिहास, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

जसमायरा कौर

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Uttarakhand Latest News (Dehradun News): जब एक बच्चा मुश्किल से बोलना सीख रहा होता है, तब देहरादून की नन्ही प्रतिभा जसमायरा कौर ने अपनी अद्भुत याददाश्त और समझदारी से ऐसा कमाल कर दिखाया जो किसी चमत्कार से कम नहीं है। इस नन्ही बालिका ने न सिर्फ अपने माता-पिता बल्कि पूरे उत्तराखंड की बेटी होने का गौरव बढ़ाया है।

एक साल 10 महीने की उम्र में अद्भुत कारनामा

देहरादून के मार्कम ग्रांट के खैरी गाँव की रहने वाली जसमायरा कौर, किसान परिवार की इकलौती बेटी हैं। जन्म 15 अक्टूबर 2023 को हुआ और आज, मात्र 1 साल 10 महीने की उम्र में उन्होंने ऐसा काम किया जो बड़े-बड़े बच्चों के लिए भी आसान नहीं होता।

जसमायरा कौर ने अंग्रेज़ी वर्णमाला (A to Z) के सभी अक्षरों का सटीक उच्चारण किया, रंगों की पहचान, शारीरिक अंगों की पहचान, और ब्लॉक्स से टावर बनाकर अपनी बेहतरीन मेमोरी पावर और ऑब्जर्वेशन स्किल्स का शानदार प्रदर्शन किया।

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम

उत्तराखंड की बेटी नेअपनी इस असाधारण उपलब्धि के चलते जसमायरा कौर का नाम India Book of Records में दर्ज किया गया है।
रिकॉर्ड के दौरान उन्होंने निर्धारित समय में कई अद्भुत कार्य किए —

  • रंगों की पहचान बताई
  • शरीर के अंगों की पहचान की
  • ब्लॉक्स से टावर बनाया
  • अंग्रेज़ी वर्णमाला के शब्द बोले

जजों का कहना था कि इतनी कम उम्र की बाल प्रतिभा का यह आत्मविश्वास और सटीकता देखना अपने आप में प्रेरणादायक है।

जसमायरा कौर

परिवार का गर्व और प्रेरणा

पिता मनिंदर सिंह और माँ जसप्रीत कौर का कहना है —

“हमारी बेटी ने हमें गर्व का एहसास कराया है। उसकी लगन और सीखने की चाहत उसे आगे और भी ऊँचाइयों तक ले जाएगी।”

यह सफलता इस उत्तराखंड की बेटी के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे गाँव और प्रदेश के लिए एक गर्व का पल है।

पूरे प्रदेश में खुशी की लहर

इस खबर के बाद देहरादून न्यूज़ में और सोशल मीडिया पर भी जसमायरा कौर चर्चा का विषय बन गई हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधि गौरव सिंह, जसविंदर सिंह, और सुरेंद्र सिंह खालसा ने इस नन्ही बच्ची और उसके परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा —

“जसमायरा जैसी नन्ही प्रतिभाएं हमारे राज्य की असली पहचान हैं, जो भविष्य में उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगी।”

प्रेरणादायक संदेश

जसमायरा कौर की कहानी यह सिखाती है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। अगर परिवार सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन दे, तो गाँव की मिट्टी में भी असाधारण चमक छिपी होती है।
यह देहरादून की नन्ही प्रतिभा यह साबित करती है कि हर बच्चे के अंदर एक बाल प्रतिभा छिपी होती है, बस जरूरत है उसे पहचानने और सही दिशा देने की।

pahadishuvidha.com की ओर से शुभकामनाएँ

पहाड़ी सुविधा (pahadishuvidha.com) परिवार की ओर से जसमायरा कौर और उनके माता-पिता को हार्दिक बधाई। उन्होंने दिखा दिया कि सच्ची लगन, प्यार और परिवार का साथ मिल जाए तो उत्तराखंड की बेटियाँ किसी भी मंच पर इतिहास रच सकती हैं।

Source: Facebook Page – Rai Shumari

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