Uttrakhand Latest News: उत्तराखंड के हल्द्वानी मे मिठाई फैक्ट्री पर छापा पड़ने से प्रशासन ने की चार फैक्ट्रियो को सील कर दिया है।
जिसमे दिवाली से ठीक पहले मिठाई और बताशे बनाने वाली फैक्ट्रियों में गंदगी और मिलावट का बड़ा मामला सामने आया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में जो नजारा देखने को मिला, उसने प्रशासन से लेकर आम लोगों तक को झकझोर कर रख दिया।
गंदगी का भयावह मंजर — बिना नहाए कारीगर बना रहे थे बताशे
हल्द्वानी मे मिठाई फैक्ट्री पर छापा पड़ने से टीम जब फूलपुरा और गांजीनगर इलाकों की चार फैक्ट्रियों में पहुंची तो अंदर का दृश्य भयानक डरावने सेट जैसा था।
गंदगी वाली फैक्ट्री के कमरे के कोनों में सड़ी हुई चीनी, दीवारों पर जमा केमिकल की परतें, और जमीन पर गंदा पानी फैला हुआ था।
सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि एक कारीगर ने खुद कबूल किया —
“मैं 20 दिन से नहीं नहाया हूं और लगातार बताशे बना रहा हूं।”
सोचिए, यही बताशे भगवान को भोग के रूप में चढ़ाए जाते हैं, बच्चों को खिलाए जाते हैं और घरों की पूजा थालियों में सजते हैं।
खाद्य सुरक्षा मानकों की धज्जियां
फैक्ट्रियों में बिना दस्ताने, टोपी या जूते के काम कर रहे कर्मचारी, खुले में चीनी और पाउडर मिला रहे थे।
कई डिब्बों में रंग-बिरंगे पाउडर और केमिकल रखे मिले, जिन पर न नाम था, न कंपनी का लेबल।
जब अधिकारियों ने पूछा कि यह पाउडर क्या है, तो कर्मचारियों ने बताया कि यह “चीनी को चमकाने वाला पाउडर” है।
इसके अलावा मिठाइयों को सख्त बनाने के लिए खड़िया पाउडर का भी इस्तेमाल किया जा रहा था — खड़िया पाउडर जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है।
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
हल्द्वानी मे मिठाई फैक्ट्री पर छापा मारने के दौरान मौके पर मौजूद थे —
सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान, नगर आयुक्त रिचा सिंह, और एसडीएम राहुल शाह।
अधिकारियों ने चारों फैक्ट्रियों को तत्काल सील कर दिया और पुलिस को निर्देश दिए कि
सभी कर्मचारियों का सत्यापन किया जाए तथा सप्लाई नेटवर्क की गहन जांच की जाए।
उत्तराखंड फूड सेफ्टी विभाग के वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय सिंह ने बताया कि मौके से लिए गए नमूनों को लैब में भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मिठाइयों की चमक के पीछे छिपा ज़हर
दिवाली पर मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। यही मांग कई बार लोगों की सेहत पर भारी पड़ती है। लेकिन हल्द्वानी मे मिठाई फैक्ट्री पर छापा मारने पर कई लोग अब मिठाई की खरीदारी करने से कतरा रहे है।
दुकानों पर सजी चमचमाती मिठाइयों के पीछे छिपी ये गंदगी और मिलावट हमारे त्योहारों की पवित्रता पर सवाल खड़े करती है।
लोग अब यही पूछ रहे हैं —
“क्या यही है हमारी पूजा की पवित्रता?
क्या यही है वो प्रसाद जो श्रद्धा से भगवान को चढ़ाया जाता है?”
पहाड़ी सुविधा की जनता से अपील — मिठाई खरीदते वक्त रहें सतर्क
अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है।
ऐसे कारखाने त्योहारों के दौरान बड़ी मात्रा में मिठाई सप्लाई करते हैं, जिससे हजारों लोग अनजाने में मिलावटी चीजें खा जाते हैं।
हर नागरिक को अब खुद भी सतर्क रहना होगा —
- मिठाई खरीदते वक्त दुकान से पूछें कि वह कहां बनी है।
- लेबल और पैकिंग की जांच करें।
- बिना ब्रांड और बिना जानकारी वाली मिठाई खरीदने से बचें।
बड़ा सवाल — क्या अब भी हम आंखें मूंदे रहेंगे?
हल्द्वानी मे मिठाई फैक्ट्री पर छापा पड़ने से प्रशासन की कार्रवाई के बावजूद सवाल बरकरार है —
कब तक सिर्फ फैक्ट्रियां सील करने तक सीमित रहेंगी जांचें?
कब बनेगा कोई ऐसा सिस्टम जो त्योहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा की पूरी गारंटी दे सके?
दिवाली जैसे पवित्र त्योहार में जब हम भगवान को भोग लगाते हैं, तो ये सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी भी है कि वह भोग वास्तव में पवित्र और सुरक्षित हो।
श्रोत : यह न्यूज rai shumari facebook पेज से ली गई है।
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